


00 केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर बुधवार को लेह में हिंसा भड़की,बीजेपी दफ्तर में भी आगजनी
TTN डेस्क
लेह,24 सितंबर 2025- बुधवार को प्रदर्शनकारियों की पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ झड़प हो गई, जिसमें आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई।
0 ये है प्रदर्शन की वजह,सोशल मीडिया पर बनी योजना
यह विरोध प्रदर्शन सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में किया गया था, जो पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे थे। उनकी मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने आज बंद का आह्वान किया था। लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लेह का हिल काउंसिल दफ्तर सबसे प्रमुख प्रशासनिक केंद्र बन गया है। सरकार की तरफ से कोई तत्काल प्रतिक्रिया न मिलने पर, सोनम वांगचुक के समर्थकों ने इस दफ्तर के बाहर प्रदर्शन करने की योजना बनाई। रात में ही सोशल मीडिया के जरिए विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया था।
0 पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प
बुधवार सुबह हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारी हिल काउंसिल दफ्तर के बाहर जमा होने लगे। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबलों ने पहले से ही इलाके की बैरिकेडिंग कर दी थी। शुरू में दोनों पक्षों के बीच बहस हुई, जो जल्द ही झड़प में बदल गई। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
इसके जवाब में, उग्र भीड़ ने एक पुलिस गाड़ी में आग लगा दी और तोड़-फोड़ शुरू कर दी। कुछ प्रदर्शनकारी पास स्थित भाजपा कार्यालय में घुस गए और वहां भी आगजनी और तोड़-फोड़ की। इस दौरान पथराव की भी खबरें आईं, जिसमें कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है।
0 प्रदर्शनकारियों की 4 प्रमुख मांगें
यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से इन चार मांगों पर आधारित था:
* लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए।
* संविधान की छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा दी जाए।
* कारगिल और लेह के लिए अलग लोकसभा सीट हो।
* सरकारी नौकरियों में स्थानीय लोगों की भर्ती को प्राथमिकता मिले।
0 सोनम वांगचुक ने की शांति की अपील,बेवकूफी रोके
हिंसा भड़कने के बाद सोनम वांगचुक ने इसे लद्दाख के लिए “दुखद दिन” बताया। उन्होंने कहा कि हम पांच साल से शांति के रास्ते पर चल रहे थे और हमने अनशन से लेकर दिल्ली तक पैदल मार्च भी किया। हिंसा को देखकर उन्होंने लद्दाख की युवा पीढ़ी से इस “बेवकूफी” को रोकने की अपील की। वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ने और प्रदर्शन रोकने की घोषणा भी की।
0 सरकार का वादा अधूरा
यह याद दिलाया जाता है कि 2019 में अनुच्छेद 370 और 35A हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। उस समय सरकार ने हालात सामान्य होने पर लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का भरोसा दिया था।


