
TTN डेस्क
ढाका/शारियतपुर।
पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले 15 दिनों के भीतर एक बार फिर एक हिंदू व्यक्ति को जिंदा जलाने की जघन्य कोशिश का मामला सामने आया है। ताजा घटना शारियतपुर जिले की है, जहां एक भीड़ ने 50 वर्षीय हिंदू व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर उन्हें आग के हवाले कर दिया।
0 शारियतपुर में सरेराह हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर को 50 वर्षीय खोकोन दास अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उग्र भीड़ ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने पहले उन पर धारदार हथियारों से वार किया और फिर बेरहमी से पिटाई की। क्रूरता की हदें पार करते हुए भीड़ ने उन्हें आग लगा दी। इस हमले में खोकोन दास गंभीर रूप से झुलस गए हैं। उन्हें नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वे जीवन और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
0 दिसंबर में दूसरी बड़ी वारदात
इससे पूर्व 18 दिसंबर को मयमनसिंह जिले में भी ऐसी ही एक रूह कंपा देने वाली घटना हुई थी। वहां दीपू चंद्र दास नामक एक हिंदू युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी और बाद में उनके शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई थी।
0 ईशनिंदा के झूठे आरोपों का खेल
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि दीपू दास पर सोशल मीडिया (फेसबुक) के जरिए धार्मिक भावनाएं आहत करने का जो आरोप लगाया गया था, वह पूरी तरह निराधार था। जांच एजेंसियों को अब तक दीपू दास के खिलाफ ईशनिंदा से जुड़ी कोई भी पोस्ट या टिप्पणी के प्रमाण नहीं मिले हैं। स्पष्ट है कि महज अफवाहों के आधार पर भीड़ ने एक निर्दोष की जान ले ली।
0 इलाके में तनाव, पुलिस मुस्तैद
इन घटनाओं के बाद संबंधित इलाकों में भारी तनाव व्याप्त है। हिंदू समुदाय में भय का माहौल है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि वे मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं और दोषियों की पहचान के लिए छापेमारी की जा रही है। हालांकि, बार-बार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


