बिग ब्रेकिंग न्यूज : अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रम्प को दिया बड़ा झटका, ‘ग्लोबल टैरिफ’ रद्द

00 सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: राष्ट्रपति को अकेले टैक्स (टैरिफ) थोपने का हक नहीं, कोर्ट ने व्यापारिक नीति को बताया ‘अवैध’

TTN डेस्क

वाशिंगटन/नई दिल्ली:अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा दुनिया भर के देशों पर लगाए गए भारी-भरकम ‘ग्लोबल टैरिफ’ को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द कर दिया है।
6-3 के बहुमत से आया फैसला
चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स की अध्यक्षता वाली बेंच ने 6-3 के बहुमत से स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति को ‘इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट’ (IEEPA) के तहत अपनी मर्जी से असीमित टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने कहा कि व्यापार पर टैक्स लगाने की शक्ति संविधान ने अमेरिकी कांग्रेस (संसद) को दी है, न कि अकेले राष्ट्रपति को।
> “राष्ट्रपति के पास एकतरफा और अनिश्चितकाल के लिए टैरिफ थोपने की जादुई शक्ति नहीं है।”
> — चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स (बहुमत की राय लिखते हुए)
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0 क्यों अहम है यह फैसला?

* ट्रम्प की आर्थिक नीति को झटका: ट्रम्प ने “रिसिप्रोकल टैरिफ” (जैसे को तैसा) के जरिए विदेशी वस्तुओं को महंगा कर दिया था। अब यह नीति पूरी तरह अवैध हो गई है।

* अरबों डॉलर का रिफंड: अब तक जो अरबों डॉलर टैरिफ के रूप में वसूले गए हैं, उन्हें वापस (रिफंड) करने की मांग तेज हो सकती है।

* वैश्विक बाजारों को राहत: भारत समेत चीन और यूरोपीय देशों से होने वाले निर्यात पर जो अनिश्चितता के बादल थे, वे अब कुछ हद तक छंट सकते हैं।

0 विभाजित रही कोर्ट

जहाँ 6 जजों ने टैरिफ के खिलाफ वोट दिया, वहीं जस्टिस क्लेरेंस थॉमस, सैमुअल अलिटो और ब्रेट कवनॉ ने ट्रम्प प्रशासन के पक्ष में असहमति जताई। प्रशासन का तर्क था कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और आपातकाल का मामला है, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
बाजार पर असर: इस खबर के आते ही वैश्विक बाजारों में हलचल शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे महंगाई कम हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय व्यापार फिर से पटरी पर लौट सकता है।