



00 बस्तर पंडुम में शामिल हुईं राष्ट्रपति; आदिवासी परंपराओं और सादगी की जमकर की तारीफ
TTN डेस्क
जगदलपुर/रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान बस्तर पहुंचीं, जहाँ उन्होंने ‘बस्तर पंडुम’ (लोक उत्सव) में शिरकत की। जनसमूह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति भावुक नजर आईं और उन्होंने कहा कि जब भी वे छत्तीसगढ़ आती हैं, उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वे अपने घर लौट आई हैं।
0 प्राचीन संस्कृति और सादगी का संगम
बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपराओं की सराहना करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि यहाँ की संस्कृति न केवल प्राचीन है, बल्कि दुनिया की सबसे मीठी संस्कृतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों की सादगी, प्रकृति के प्रति उनका प्रेम और सामूहिक उत्सवों की परंपरा पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
0 विकास के साथ जड़ों से जुड़ाव जरूरी
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में शिक्षा और आधुनिक विकास पर जोर देते हुए कहा कि आदिवासी समाज को अपनी जड़ों और गौरवशाली संस्कृति को बचाए रखते हुए आधुनिक दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाना चाहिए। उन्होंने बस्तर के कला-कौशल और यहाँ के खान-पान की भी तारीफ की।


