



00 सियासी भूकंप: क्या राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार? बेटे निशांत की एंट्री और भाजपा की ‘नजर’ ने बढ़ाई हलचल
TTN डेस्क
पटना।बिहार की राजनीति में एक बार फिर ‘बड़ा खेला’ होने की सुगहाट है। सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल्द ही बिहार की कमान छोड़कर दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हो सकते हैं। चर्चा है कि आगामी राज्यसभा चुनाव में जेडीयू की ओर से नीतीश कुमार का नाम शामिल हो सकता है। यदि ऐसा होता है, तो बिहार की सत्ता के समीकरण पूरी तरह बदल जाएंगे।
0 निशांत कुमार: क्या विरासत संभालेंगे ‘जूनियर नीतीश’?
राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। अब तक राजनीति से दूर रहने वाले निशांत के नाम पर जेडीयू के भीतर मंथन शुरू हो गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि:
* निशांत कुमार को सीधे उपमुख्यमंत्री बनाकर सरकार में शामिल किया जा सकता है।
* या उन्हें राज्यसभा भेजकर केंद्र की राजनीति के लिए तैयार किया जाए।
पार्टी नेतृत्व का एक बड़ा धड़ा मानता है कि नीतीश कुमार के विकल्प के तौर पर उनके परिवार से बेहतर कोई नहीं हो सकता।
0 भाजपा का दांव: सम्राट चौधरी या विजय सिन्हा?
अगर नीतीश कुमार दिल्ली जाते हैं, तो गठबंधन के नए फॉर्मूले के तहत भाजपा मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा ठोक सकती है। इस रेस में सबसे आगे वर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा का नाम है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस बार बिहार में अपना पूर्ण नेतृत्व स्थापित करने का मौका नहीं गंवाना चाहेगी।
0 जेडीयू में असमंजस, दिल्ली से पटना तक बैठकों का दौर
भले ही पार्टी स्तर पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जेडीयू के भीतर इस संभावित ‘उत्तराधिकार’ को लेकर बेचैनी है। पार्टी के पुराने नेता नहीं चाहते कि नीतीश कुमार राज्य छोड़ें, क्योंकि उनके जाने के बाद पार्टी के बिखरने का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, भाजपा ने अपनी रणनीति पर चुप्पी साध रखी है, जिससे सस्पेंस और गहरा गया है।
> “फिलहाल यह सारा मामला राज्यसभा चुनाव (मार्च 2026) की लिस्ट पर टिका है। यदि नीतीश कुमार का नाम सूची में आता है, तो बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत तय है।”
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