
00 विदेश सचिव विक्रम मिसरी पहुंचे ईरानी दूतावास, शोक पुस्तिका पर किए हस्ताक्षर; युद्ध के बीच भारत का बड़ा कूटनीतिक कदम
TTN डेस्क
नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी भीषण युद्ध के बीच भारत ने एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम उठाते हुए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु पर आधिकारिक शोक व्यक्त किया है। गुरुवार, 5 मार्च को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास का दौरा किया। उन्होंने वहां रखी शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर भारत सरकार की ओर से संवेदनाएं प्रकट कीं।
0 मिसाइल हमले में हुई थी मौत, पहली बार आधिकारिक शोक
विदित हो कि 28 फरवरी 2026 को तेहरान स्थित कार्यालय पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त मिसाइल हमले में खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसकी पुष्टि ईरान ने 1 मार्च को की थी। राजनैतिक गलियारों में इस बात की खासी चर्चा है कि भारत ने पहली बार खामेनेई जैसे कट्टरपंथी माने जाने वाले नेतृत्व की मृत्यु पर इस तरह खुलकर आधिकारिक शोक जताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ईरान के साथ भारत के पुराने और रणनीतिक संबंधों की गहराई को दर्शाता है।
0 भीषण युद्ध का छठा दिन: चारों ओर तबाही का मंजर
अमेरिका-इजराइल बनाम ईरान युद्ध अब अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुका है। युद्ध की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ईरान में पिछले 120 घंटों से इंटरनेट पूरी तरह ठप है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है।
0 समुद्र में भी मचा हाहाकार: ईरानी युद्धपोत ध्वस्त
युद्ध केवल जमीन तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्र में भी भीषण संघर्ष जारी है। अमेरिकी नौसेना ने ईरान के कई युद्धपोतों को निशाना बनाया है। श्रीलंका के पास ईरानी जहाज ‘IRIS देना’ पर हुए हमले ने दुनिया को चौंका दिया है। इस जहाज से अब तक 87 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 60 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
0 शांति की पहल ठुकराई: ट्रम्प का सख्त रुख
ईरान ने मौजूदा हालातों को देखते हुए सभी शोक समारोह स्थगित कर दिए हैं और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की पेशकश की है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में तनाव और अधिक बढ़ने की आशंका गहरा गई है।


