देखें वीडीओ…कोरबा : एसईसीएल के खिलाफ भू-विस्थापितों का विरोध प्रदर्शन जारी,ठेका कंपनी ने महिला बाउंसर उतारे

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कोरबा: कोरबा जिले में एसईसीएल (SECL) की खदानों के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के बदले रोजगार और पुनर्वास की मांग को लेकर भू-विस्थापितों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। मई 2025 से ही इन भू-विस्थापितों ने अपनी मांगों को लेकर कुसमुंडा क्षेत्र में एसईसीएल कार्यालय का कई बार घेराव किया है।

0 प्रदर्शन का मुख्य कारण

* लंबित रोजगार:भू-विस्थापितों का आरोप है कि एसईसीएल ने उनकी हजारों एकड़ जमीन ले ली है, लेकिन उन्हें आज तक न तो रोजगार दिया गया और न ही उचित पुनर्वास की व्यवस्था की गई। कई दशकों से वे अपनी मांगों को पूरा करने का इंतजार कर रहे हैं।

* बुनियादी सुविधाओं का अभाव: प्रदर्शनकारियों ने बसाहट गांवों में मूलभूत सुविधाएं, जैसे पानी, बिजली और सड़क, प्रदान करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि मुआवजे में भी कटौती की जा रही है, जो पूरी तरह से गलत है।

0 विरोध प्रदर्शन और वर्तमान स्थिति

यह विरोध प्रदर्शन छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेतृत्व में किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालयों का घेराव करने के साथ-साथ जुलाई 2025 में अर्धनग्न होकर भी प्रदर्शन किया था। इन विरोध प्रदर्शनों के कारण कुसमुंडा और गेवरा खदानों में कोयला उत्पादन और परिवहन भी असर हो रहा है, जिससे एसईसीएल प्रबंधन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।यहां यह भी गौरतलब है कि खदानों में अनेक निजी कंपनियां कार्यरत है।इन ठेका कंपनियों के साथ भी बाहरी और स्थानीय होने की बात को ले कर भी टकराव की स्थिति बनते जा रही है।ये भी पहली बार देखने मिल रहा है कि खदान में प्रदर्शन करने वाले आंदोलनकारियों का मुकाबला करने के लिए निजी ठेका कंपनियों ने महिला बाउंसर का दस्ता उतार दिया है।