फोटो ,वीडीओ : विशाल भगत
00 दीपों की रोशनी से जगमगाया श्री अयप्पा मंदिर
00 भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई मंडल पूजा
TTN डेस्क
कोरबा। स्थानीय एसईसीएल (SECL) परिसर स्थित श्री अयप्पा मंदिर में बुधवार को मकर संक्रांति और मंडल पूजा का पर्व अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
श्री अयप्पा सेवा समिति द्वारा आयोजित इस भव्य महोत्सव में समूचा मंदिर परिसर भक्तिमय भजनों और मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना के साथ 1100 दीप प्रज्वलित किए गए, जिससे मंदिर परिसर अलौकिक आभा से सराबोर हो उठा।
0 धार्मिक अनुष्ठानों की रही धूम
महोत्सव की शुरुआत तड़के 5:00 बजे प्रभात फेरी के साथ हुई। इसके पश्चात केरल की पारंपरिक पद्धति से निर्माल्य दर्शन, गणपति होमम, कलश अभिषेक, उषा पूजा और मध्याह्न पूजा जैसे विधान संपन्न किए गए। सुबह से ही मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहा। दोपहर में आयोजित विशाल अन्नदान भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने सप्रेम प्रसाद ग्रहण किया।
0 भव्य शोभायात्रा ने मोह लिया मन
शाम को सीतामढ़ी स्थित राम जानकी मंदिर से भगवान अयप्पा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, मंगल थाल और भजन-कीर्तन के साथ यह यात्रा पुराना बस स्टैंड, पावर हाउस रोड और नया बस स्टैंड ,इंडियन कॉफी हाउस,टीपी नगर चौक होते हुए गुजरी। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया। नगर भ्रमण के पश्चात यात्रा वापस मंदिर परिसर पहुँची, जहाँ देर रात ‘आनंद महोत्सव’ का आयोजन किया गया।आकर्षक आतिशबाजी हुई।
मकर ज्योति का विशेष महत्व
समिति के सदस्यों ने बताया कि केरल के सबरीमाला की तर्ज पर यहाँ भी मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान अयप्पा ज्योति स्वरूप में प्रकट होते हैं। इसी ‘मकर ज्योति’ के दर्शन के लिए भक्त 41 दिनों की कठिन साधना (मंडल काल) करते हैं। इसी कड़ी में बालको सेक्टर-2 स्थित मंदिर से भी नगर भ्रमण का आयोजन किया गया, जो एकता और आस्था का प्रतीक बना।
> मुख्य आकर्षण:
> * 1100 दीपों का दीपोत्सव: मंदिर परिसर में दीपों की कतारों ने अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया।
> * आकर्षक सजावट: फूलों और विद्युत सज्जा से मंदिर को वधु की तरह सजाया गया।
> * सांस्कृतिक संगम: छत्तीसगढ़ में केरल की पारंपरिक पूजा पद्धति का अनूठा मेल देखने को मिला।




