


TTN Desk
चूरू, राजस्थान: मंगलवार सुबह राजस्थान के चूरू जिले में भारतीय वायुसेना का एक जगुआर फाइटर जेट तकनीकी खराबी के कारण क्रैश हो गया, जिससे एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। विमान का मलबा जहां हर तरफ बिखर गया वहीं पायलट और को पायलट की जान चली है।उनके शरीर की टुकड़े टुकड़े हो बिखर गए।चुरू एसपी जय यादव ने बताया कि राजलदेसर थाना क्षेत्र के गांव भाणूदा में प्लेन क्रैश हुआ है। इसमें दो लोगों की मौत हुई है। मौके पर राजलदेसर पुलिस को भेजा गया हैं। मलबे के पास से बुरी तरह क्षत-विक्षत शव के टुकड़े मिले हैं।
इस घटना ने एक बार फिर जगुआर विमानों की सेवा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं – क्या अब इनके रिटायर होने का समय आ गया है? यह जगुआर फाइटर जेट, जो कभी कारगिल युद्ध में पाकिस्तान को दहला चुका है, आज भी भारतीय वायुसेना की शान माना जाता है। फिलहाल, इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि विमान में कितने पायलट सवार थे।
0 क्यों खास है ये फाइटर जेट
* चूरू में तकनीकी खराबी के चलते जगुआर फाइटर जेट क्रैश हुआ।
* कारगिल युद्ध में दुश्मन के बंकरों पर लेजर गाइडेड बम बरसाए थे।
* 1979 से भारतीय वायुसेना का हिस्सा है, अब धीरे-धीरे रिटायर हो रहा है।
0 जानिए जगुआर की विशेषताएं
यह फाइटर जेट 1979 से भारतीय वायुसेना का अभिन्न हिस्सा रहा है और अपनी 1975 किमी/घंटा की रफ्तार और सर्जिकल स्ट्राइक-स्टाइल अटैक क्षमताओं के लिए जाना जाता है। कारगिल युद्ध के दौरान, इसने दुश्मन के बंकरों पर सटीक लेजर गाइडेड बम बरसाकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है जब जगुआर विमान धीरे-धीरे भारतीय वायुसेना से रिटायर हो रहे हैं। इस हादसे ने एक बार फिर इस घातक विमान की सुरक्षा और भविष्य पर बहस छेड़ दी है।


