

00 जिला बदर आदेश पर सुप्रीम कोर्ट से स्थगन के बाद पहली बार कोरबा पहुंचे मिरी
कोरबा, 2 सितंबर 2025 – छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (एक गैर-राजनीतिक संगठन) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप मिरी का आज मंगलवार को कोरबा आगमन पर भव्य स्वागत किया गया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में उनके जिला बदर आदेश पर स्थगन दिए जाने के बाद वे अपने गृह नगर कोरबा लौटे है। जहाँ उन्होंने एक बार फिर संगठन के कार्यों को गति और मजबूती देने का संकल्प व्यक्त किया हैं।मूलतः वे कोरबा के ही निवासी एक अधिवक्ता है।
स्वागत की शुरुआत झाबर और दीपका से हुई, जहाँ संगठन के कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया। यहां से वे एक वाहन रैली के साथ कुसमुंडा के ‘महतारी अंगना’ में उनका स्वागत किया गया। टी.पी. नगर स्थित सतनाम भवन में उन्होंने पूजा-पाठ किया और स्थानीय लोगों तथा सतनामी समाज द्वारा उनका जोरदार स्वागत किया गया।
0 हमारी लड़ाई छत्तीसगढ़ की अस्मिता के लिए : मिरी
अपने संबोधन में दिलीप मिरी ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति, भाषा और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा, “हमारा संगठन छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के हक और सम्मान के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। हमारी लड़ाई छत्तीसगढ़ी अस्मिता और स्वाभिमान को बनाए रखने की है।” उन्होंने लोगों से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान भी किया।
स्वागत समारोह में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रमुख प्रदेश पदाधिकारी रामगुलाम ठाकुर, धीरेंद्र साहू, राज साहू, मोनी कठोत्रे, उमागोपाल और अतुल दास महंत भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया, जिन्होंने दिलीप मिरी के नेतृत्व और संगठन के कार्यों की सराहना की।
याद दिला दें कि दिलीप मिरी को पहले कोरबा और आस-पास के जिलों से जिला बदर किया गया था। इस दौरान वे रायपुर में रहकर अपने सांगठनिक कार्यों को देख रहे थे।
कार्यक्रम का समापन घंटाघर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण के साथ हुआ। यह आयोजन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रभाव और स्थानीय समुदाय के बीच उसके बढ़ते समर्थन को दर्शाता है।


