




00 ढपढप में 21 हजार मातृशक्ति की कलश यात्रा ने रचा इतिहास; जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हुई ऊर्जाधानी
TTN डेस्क
कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा के इतिहास में 27 मार्च 2026 की तारीख एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। बांकीमोंगरा-कटघोरा मार्ग स्थित ग्राम ढपढप में आयोजित होने जा रही ‘दिव्य श्री हनुमंत कथा’ का आगाज किसी महोत्सव से कम नहीं रहा। गुरुवार को जब 21 हजार से अधिक माताओं-बहनों का कारवां ‘पीतांबरी’ (पीले) वस्त्र धारण कर मंगल कलश लिए सड़कों पर उतरा, तो पूरा जिला भक्ति के अनूठे रंग में सराबोर नजर आया।
0 नारी शक्ति का विराट स्वरूप: थमी रहीं निगाहें
कलश यात्रा की शुरुआत ऐतिहासिक मरही दाई मंदिर से हुई। सुबह 11 बजे से ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ना शुरू हो गया था। माथे पर कलश और हृदय में हनुमान जी के प्रति अगाध श्रद्धा लिए जब हजारों महिलाएं ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकती हुईं आगे बढ़ीं, तो अनुशासन और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे रास्ते में पुष्प वर्षा की गई और छतों से लोग इस ऐतिहासिक दृश्य को निहारते रहे। भजन और ‘जय श्रीराम’ के नारों से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
00 हनुमंत कथा शनिवार से : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का होगा आगमन
सूत्रों के अनुसार, बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री शुक्रवार (27 मार्च) की देर रात तक कटघोरा पहुंच सकते हैं। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। 28 मार्च से 1 अप्रैल तक चलने वाले इस पांच दिवसीय कथा महाकुंभ को लेकर भक्तों में भारी उत्साह है। श्रद्धालुओं का कहना है कि महाराज के चरण पड़ने से छत्तीसगढ़ का ‘ननिहाल’ (कोरबा) धन्य हो जाएगा।
00 पांच दिनों तक चलेगा सेवा और संस्कार का ‘महायज्ञ’
आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक जुड़ावन सिंह ठाकुर और संयोजक अमरजीत सिंह (विहिप जिलाध्यक्ष) ने बताया कि यह आयोजन केवल कथा तक सीमित नहीं है। इसमें समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया गया है:
28 मार्च: भव्य स्वागत और सफाई कर्मियों द्वारा पहली आरती (सामाजिक समरसता का संदेश)।
29 मार्च: ‘अपना घर सेवा आश्रम’ के लिए नवीन भवन का संकल्प।
30 मार्च: सबसे प्रतीक्षित ‘दिव्य दरबार’, जहाँ महाराज भक्तों की अर्जियां सुनेंगे।
31 मार्च: बजरंग दल द्वारा त्रिशूल दीक्षा और घर वापसी का विशेष कार्यक्रम।
1 अप्रैल: 108 निर्धन व दिव्यांग कन्याओं का सामूहिक विवाह, जो इस पूरे आयोजन का सबसे मानवीय चेहरा होगा।
0 अभूतपूर्व व्यवस्थाएं: करोड़ों का बजट और अभेद्य सुरक्षा
इस भव्य आयोजन के लिए लगभग सवा करोड़ रुपये का अनुमानित बजट रखा गया है। 32 सदस्यीय कोर कमेटी दिन-रात व्यवस्थाओं में जुटी है।
सुविधाएं: 10 एंबुलेंस, 20 वाटर टैंकर और 5 फायर ब्रिगेड की तैनाती।
सुरक्षा: हजारों स्वयंसेवकों के साथ पुलिस बल का कड़ा पहरा।
प्रसारण: जो भक्त नहीं पहुंच पा रहे, उनके लिए ‘आस्था चैनल’ पर लाइव प्रसारण की व्यवस्था।
0 प्रभु श्रीराम का ननिहाल और हनुमंत भक्ति
छत्तीसगढ़ भगवान श्री राम का ननिहाल है, इसलिए बागेश्वर सरकार स्वयं यहाँ आने को लेकर अत्यंत उत्साहित हैं। इस दौरान संरक्षक मंडल से सुबोध सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, ऋतु चौरसिया, राणा मुखर्जी और पवन गर्ग सहित कई गणमान्य नागरिक सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।


