
00 सरकारी गोपनीयता भंग करने और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप
TTN डेस्क
लंदन/बर्मिंघम।
ब्रिटिश राजघराने के लिए 19 फरवरी का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। कभी ‘प्रिंस’ की पदवी रखने वाले एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को आज उनके 66वें जन्मदिन पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई कुख्यात जेफरी एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेजों (Epstein Files) के सार्वजनिक होने के बाद की गई है। एंड्रयू पर ‘सार्वजनिक पद पर कदाचार’ का गंभीर संदेह है।
0 बर्कशायर और नॉरफोक में छापेमारी
टेम्स वैली पुलिस ने एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि नॉरफोक के एक 66 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि पुलिस ने सीधे तौर पर नाम नहीं लिया, लेकिन ब्रिटिश मीडिया और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने इसकी पुष्टि एंड्रयू के रूप में की है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद बर्कशायर और नॉरफोक स्थित उनके ठिकानों पर पुलिस की टीमें तलाशी ले रही हैं।
0 क्या हैं आरोप?
ताजा जांच के केंद्र में एंड्रयू का ‘ब्रिटिश ट्रेड एंवॉय’ (व्यापार दूत) के रूप में कार्यकाल है। उन पर आरोप है कि:
* उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए गोपनीय सरकारी दस्तावेज और संवेदनशील जानकारी जेफरी एपस्टीन को साझा की थी।
* एपस्टीन (जिसने जेल में आत्महत्या कर ली थी) एक सजायाफ्ता यौन अपराधी था और उस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानव तस्करी के आरोप थे।
0 किंग चार्ल्स ने पहले ही फेर लिया था मुंह
राजघराने के सूत्रों के अनुसार, किंग चार्ल्स III ने पिछले साल ही एंड्रयू के सभी सैन्य सम्मान और ‘रॉयल टाइटल’ छीन लिए थे। बकिंघम पैलेस ने इस गिरफ्तारी पर बेहद सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। पैलेस के प्रवक्ता ने कहा, “यह एक पुलिस जांच का मामला है और कानून अपना काम करेगा।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरफ्तारी राजशाही की छवि के लिए दूसरा सबसे बड़ा झटका है।
66वें जन्मदिन पर पड़ा ‘ग्रहण’
विडंबना यह है कि जिस दिन एंड्रयू अपना 66वां जन्मदिन मना रहे थे, उसी दिन उन्हें हथकड़ी का सामना करना पड़ा। हालांकि उन्होंने अतीत में एपस्टीन के साथ किसी भी गलत गतिविधि से इनकार किया था, लेकिन वर्जीनिया गिफ्रे मामले और अब इन नए दस्तावेजों ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
0 अगली कार्रवाई:
एंड्रयू को आज कोर्ट में पेश किया जा सकता है। पुलिस इस मामले में ‘मनी लॉन्ड्रिंग’ और ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।


