उफ्फ…ये अंधविश्वास : बेटा बीमार था,ठीक करने अबोध बच्चे की चढ़ा दी बलि,गिरफ्तार

00 छत्तीसगढ़ के बलरामपुर ज़िले से एक खौफनाक वारदात का मामला सामने आया है. यहां 15 महीने पहले अचानक लापता हुए एक बच्चे की हत्या के मामले में पुलिस ने अब बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने बच्चे की बीमारी ठीक होने के अंधविश्वास में तीन साल के बच्चे की बलि दे दी थी.आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बच्चे की खोपड़ी बरामद कर ली है.आरोपी ने उसने शरीर के बाकी हिस्सों को जला दिया था.

TTN Desk

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरीपाठ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सबाग के सुलुंगडीह निवासी बिरेंद्र नगेशिया ने 6 अप्रैल 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका 3 वर्षीय पुत्र अजय नगेशिया 1 अप्रैल से लापता है। उसने बताया था कि 29 मार्च 2024 वह अपनी पत्नी व बेटे के साथ महुआ बीनने झलबासा जंगल गया था।फिर जंगल में ही झोपड़ी बनाकर डेरा डाले हुए था। 1 अप्रैल को वह प्राथमिक शाला सबाग में रसोइया का काम करने चला गया। जब शाम को लौटा तो उसकी पत्नी ने कहा कि वह नाला की ओर करेला सब्जी तोडऩे गई थी, उसके बाद से बेटा अजय डेरा के पास से खेलते-खेलते अचानक गायब हो गया है।

इसके बाद परिजनों व ग्रामीणों ने बालक की खोजबीन शुरु की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने भी उसकी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

0 आरोपी यूं आया शक के घेरे में

खोजबीन के दौरान ही चटनिया पंचायत अंतर्गत ग्राम कटईडीह निवासी राजू कोरवा 40 वर्ष बालक को ढूंढने में मदद की बात कह रहा था। वह बालक के पिता को बार-बार तंत्र-मंत्र और ‘बड़े पूजा’ करने की बात कहता रहा। इससे पुलिस को उस पर संदेह हुआ।
जब पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने महादानी देवता के समक्ष बालक की बलि देने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर धारा 302, 201, 363 के तहत 16 जुलाई को जेल भेज दिया।

0 नृशंस तरीके से की थी हत्या

पुलिस की पूछताछ में आरोपी राजू कोरवा शुरु में तो पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ में वह टूट गया। उसने बताया कि उसका बड़ा बेटा बचपन से मिर्गी और मानसिक बीमारी से ग्रसित है। गांव में यह अंधविश्वास है कि महादानी देवता को नरबलि चढ़ाने से बच्चा ठीक हो जाता है।

0 बिस्किट का लालच दे ले गया बच्चे को

इसी फेर में पडक़र उसने 1 अप्रैल को अकेले खेल रहे मासूम अजय नगेशिया को बिस्किट का लालच देकर अपने घर ले गया और छूरी से गला काटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद धड़ को बोरे में डालकर बोड़दहा नाले में जलाया और सिर को घर में 3 दिन छिपाकर रखा। चौथे दिन उसने सिर को नाले के किनारे दफना दिया था।