





00 जुमे की नमाज के बाद सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी; उपद्रवियों पर फायरिंग का भी आरोप, 10 पुलिसकर्मी घायल
TTN डेस्क
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में शुक्रवार (आज) को जुमे की नमाज के बाद माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि भीड़ हिंसक हो गई, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
0 मौलाना तौकीर रजा ने किया था विरोध का आह्वान
यह बवाल कानपुर से शुरू हुए ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद की पृष्ठभूमि में हुआ, जिसके विरोध में आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था।
* नारेबाजी और जुलूस: जुमे की नमाज के बाद, सैंकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारी ‘आई लव मोहम्मद’ के पोस्टर और तख्तियाँ लेकर नारेबाजी करते हुए श्यामगंज, नौमहला मस्जिद और इस्लामिया मैदान के आसपास सड़कों पर उतर आए।
* पथराव और फायरिंग: जब पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को रोकने की कोशिश की, तो उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, कुछ स्थानों पर फायरिंग की घटनाएँ भी सामने आईं, जिसमें पुलिस को निशाना बनाया गया।
* पुलिस पर हमला: इस हिंसक झड़प में लगभग 10 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
0 पुलिस का लाठी चार्ज ,आंसू गैस के गोले छोड़े
हालात बेकाबू होते देख, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आँसू गैस के गोले भी छोड़े। लाठीचार्ज के बाद सड़कों पर भगदड़ मच गई।
* बच्चों का इस्तेमाल: पुलिस के अनुसार, उपद्रवियों ने कार्रवाई से बचने के लिए छोटे बच्चों को ढाल बनाकर प्रदर्शन में आगे किया था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
* कड़ी कार्रवाई: आईजी अजय साहनी के अनुसार, शहर के तीन थाना क्षेत्रों (सदर कोतवाली, प्रेमनगर, बारादरी) में एक साथ हंगामा हुआ। पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और तीन अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
* सुरक्षा व्यवस्था: हिंसा के बाद से ही पूरे शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
0 क्या है “आई लव मोहम्मद” पोस्टर विवाद
विवाद 9 सितंबर को शुरू हुआ जब कानपुर में पुलिस ने 4 सितंबर को बारावफात जुलूस के दौरान सड़क पर कथित तौर पर “आई लव मोहम्मद” बोर्ड लगाने के लिए नौ लोगों और 15 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। हिंदू समूहों ने इस पर आपत्ति जताते हुए इसे “नया चलन” और जानबूझकर उकसाने वाला कदम बताया।
ओवैसी द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्टरों का बचाव करने के बाद इस मामले ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया, जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा कि “आई लव मुहम्मद कहना कोई अपराध नहीं है।”
इसके बाद ये विवाद देश के कई शहरों में फैल गया।


