
00 जोधपुर जेल से हुए रिहा: लेह हिंसा के बाद हुई थी गिरफ्तारी, गृह मंत्रालय ने शांति और विश्वास बहाली के लिए लिया बड़ा फैसला
TTN डेस्क
नई दिल्ली/जोधपुर।लद्दाख के भविष्य और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए आवाज उठाने वाले मशहूर जलवायु कार्यकर्ता और ‘रेमन मैग्सेसे’ पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक को आज आजादी मिल गई। केंद्र सरकार द्वारा उन पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) को तत्काल प्रभाव से हटाने के बाद उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। लगभग 6 महीने (170 दिन) जेल की सलाखों के पीछे बिताने के बाद वांगचुक दोपहर करीब 1:15 बजे जेल से बाहर आए। उनकी रिहाई को लद्दाख में चल रहे गतिरोध को खत्म करने और सरकार व प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है।
0 क्यों हुई थी गिरफ्तारी?
सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को लेह में भड़की हिंसा के बाद हिरासत में लिया गया था। प्रशासन ने उन पर भड़काऊ भाषण देने और प्रदर्शनों के जरिए माहौल खराब करने का आरोप लगाया था। इस हिंसा में 4 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद उन पर NSA जैसी सख्त धारा लगाई गई थी। वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलनरत थे।
0।सरकार का रुख: ‘शांति और विश्वास’ की पहल
गृह मंत्रालय ने अपनी आधिकारिक विज्ञप्ति में स्पष्ट किया है कि यह निर्णय लद्दाख में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से लद्दाख के हितधारकों के साथ ‘सार्थक संवाद’ का माहौल बनेगा। मंत्रालय ने यह भी संज्ञान में लिया कि वांगचुक ने अपनी संभावित हिरासत अवधि का लगभग आधा समय जेल में पूरा कर लिया है।
0 रिहाई के बाद बोले वांगचुक: ‘प्रतिबद्धता आज भी कायम’
जेल से बाहर आते ही सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दीं। उन्होंने पोस्ट किया, “लद्दाख के लिए ईमानदार संवाद जरूरी है। मैंने एक्टिविज्म से दूरी नहीं बनाई है, लद्दाख के प्रति मेरी प्रतिबद्धता आज भी पहले जैसी ही है।” उनकी पत्नी गीतांजलि ने भी लंबे समय से उनकी बेगुनाही का दावा करते हुए कहा था कि सच की जीत होगी।
0 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई
सोनम वांगचुक भले ही रिहा हो गए हों, लेकिन कानूनी प्रक्रिया जारी है। उनकी याचिका पर 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई होनी है। इस सुनवाई के दौरान लेह हिंसा से जुड़े वीडियो और फोटो साक्ष्य के रूप में पेश किए जाएंगे, जो मामले की दिशा तय करेंगे।
0 कौन हैं सोनम वांगचुक?
सोनम वांगचुक एक विश्व प्रसिद्ध इंजीनियर और शिक्षा सुधारक हैं। वे SECMOL के संस्थापक हैं और लद्दाख में सौर ऊर्जा से चलने वाले घरों व ‘आइस स्टूपा’ जैसे जल संरक्षण नवाचारों के लिए जाने जाते हैं। लद्दाख की नाजुक पारिस्थितिकी को बचाने के लिए उन्होंने कई बार आमरण अनशन भी किया है।


