Home Breaking News विधानसभा में गूँजा कोरबा का ‘चावल घोटाला’: 3.34 करोड़ का अमानक चावल...

विधानसभा में गूँजा कोरबा का ‘चावल घोटाला’: 3.34 करोड़ का अमानक चावल खपाने पर हंगामा


00 दूसरे जिलों की ID-OTP के इस्तेमाल का खुलासा, नान के पूर्व जिला प्रबंधक समेत 2 निलंबित, विपक्ष का बहिर्गमन

TTN डेस्क

रायपुर/कोरबा | विधानसभा के बजट सत्र में कोरबा जिले के नागरिक आपूर्ति निगम (NAN) गोदामों में हुए अमानक चावल खरीदी का मुद्दा गरमाया रहा। कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप के सवाल पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने स्वीकार किया कि कोरबा में नियमों को ताक पर रखकर 8 हजार क्विंटल से अधिक घटिया चावल की खरीदी की गई, जिसकी अनुमानित राशि ₹3.34 करोड़ है। इस मामले में विभाग ने नान के पूर्व जिला प्रबंधक प्रमोद जांगड़े समेत दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।

0।साजिश: बालोद, बेमेतरा और जशपुर की ID का उपयोग

सदन में हुए खुलासे के अनुसार, इस घोटाले को अंजाम देने के लिए तकनीकी सेंधमारी की गई थी। कोरबा में चावल जमा करने के लिए जिला बालोद, बेमेतरा और जशपुर के कर्मचारियों की लॉगिन आईडी और ओटीपी (OTP) का अवैध उपयोग किया गया। मंत्री ने बताया कि कुल 8153.48 क्विंटल चावल वितरण के मानकों पर खरा नहीं उतरा। गुणवत्ता परीक्षण (क्वालिटी इंस्पेक्शन) में बरती गई लापरवाही के कारण ही इतना बड़ा अमानक स्टॉक जमा हो सका।

0 दोषियों पर गाज: 10 अन्य कर्मचारियों को नोटिस

खाद्य मंत्री ने जानकारी दी कि लापरवाही बरतने वाले एक कनिष्ठ सहायक और एक कनिष्ठ तकनीकी सहायक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, 10 अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने अमानक चावल देने वाले एक दर्जन से अधिक राइस मिलर्स को भी नोटिस जारी कर चावल वापस लेने और उसके बदले मानक स्तर का चावल जमा करने के निर्देश दिए हैं।

0।विपक्ष का तीखा प्रहार और सदन से बहिर्गमन

सदन में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने जांच की पारदर्शिता और निलंबन की समय सीमा पर सवाल उठाए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि केवल छोटे कर्मचारियों पर गाज गिराकर असली ‘बड़े चेहरों’ को बचाने की कोशिश की जा रही है। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों ने सदन में जमकर नारेबाजी की और अंततः विरोध स्वरूप सदन से बहिर्गमन कर दिया।

0 FSSAI और विभागीय टीम कर रही जांच
शासन की ओर से बताया गया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से भी जांच कराई गई है। साथ ही, विभाग ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है, जो पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहा है।

मुख्य आंकड़े एक नजर में:
* अमानक चावल: 8153.48 क्विंटल।
* घोटाले की राशि: लगभग ₹3.34 करोड़।
* उपयोग की गई ID: बालोद, बेमेतरा और जशपुर जिला।
* प्रमुख कार्रवाई: पूर्व जिला प्रबंधक (NAN) समेत 2 निलंबित।