



TTN डेस्क
तेहरान/वॉशिंगटन | 3 मार्च, 2026
ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच जारी भीषण युद्ध के चौथे दिन तनाव चरम पर पहुंच गया है। एक तरफ आसमान से बम बरस रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दक्षिणी ईरान के गेराश (Gerash) शहर में आए 4.3 तीव्रता के भूकंप ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है।
0 भूकंप या परमाणु परीक्षण?
विशेषज्ञों ने स्थिति साफ की
मंगलवार को आए इस भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर गहराई पर था। युद्ध के माहौल के बीच सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि ईरान ने जवाबी कार्रवाई के लिए ‘सीक्रेट न्यूक्लियर टेस्ट’ (परमाणु परीक्षण) किया है।
* USGS की पुष्टि: अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह एक प्राकृतिक भूकंप था।
* विशेषज्ञों की राय: भूवैज्ञानिकों के अनुसार, ईरान के इस इलाके में ऐसे छोटे भूकंप आना सामान्य भौगोलिक प्रक्रिया है और फिलहाल किसी भी परमाणु गतिविधि के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
0 युद्ध का चौथा दिन: 2000 से ज्यादा बम गिरे
अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सेना ने पिछले 24 घंटों में ईरान की 1000 से अधिक साइट्स को निशाना बनाया है। इस दौरान अब तक 2000 से ज्यादा बम गिराए जा चुके हैं।
* बड़ी खबर: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
* जवाबी हमला: ईरान ने भी हार नहीं मानी है और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर दर्जनों ड्रोन और मिसाइलें दागकर पलटवार किया है।
0 होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर संकट: भारत की चिंता बढ़ी
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई लाइन, होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान किया है।
* तेल का गणित: दुनिया का 20% और भारत की जरूरत का 50% कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है।
* मौजूदा स्थिति: हालांकि US CENTCOM ने दावा किया है कि रास्ता अभी खुला है, लेकिन कई बड़ी शिपिंग कंपनियों ने अपने जहाजों को वहां भेजने से मना कर दिया है।
* महंगाई की मार: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संकट गहरा गया है।
0 डोनाल्ड ट्रंप का बयान: “हफ्तों चल सकता है युद्ध”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि अमेरिका इस युद्ध को लंबा खींचने के पक्ष में नहीं है, लेकिन ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि यह सैन्य अभियान कुछ हफ्तों तक जारी रह सकता है।


