
TTN डेस्क
गुवाहाटी/कोकराझार। असम में हुए बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (BTC) चुनाव के नतीजों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक दशक से विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में लगातार सफलता हासिल कर रही भाजपा का विजय रथ थम गया है। चुनाव में NDA के सहयोगी दल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) ने 40 में से 28 सीटों पर शानदार जीत हासिल करके भाजपा के दबदबे को खुली चुनौती दी है। इन चुनावों को 2026 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा था।
0 नतीजों का गणित: BPF की शानदार वापसी
हाग्रामा मोहिलरी के नेतृत्व वाले BPF ने 40 सीटों में से 28 पर जीत दर्ज करके परिषद में धमाकेदार वापसी की है। पिछले चुनाव की तुलना में BPF ने अपनी सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा किया है। दूसरी ओर, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) को 7 सीटें और भाजपा को मात्र 5 सीटें मिली हैं। यह नतीजे भाजपा के लिए चिंताजनक हैं, क्योंकि पिछले चुनाव में भाजपा ने 9 और UPPL ने 12 सीटें जीती थीं।
0 मुख्यमंत्री सरमा ने कहा- यह NDA की जीत
नतीजों के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे NDA की जीत बताया है। उन्होंने BPF और हाग्रामा मोहिलरी को बधाई देते हुए कहा, “BPF भी NDA का हिस्सा है और अब BTC की सभी 40 सीटें NDA घटकों के पास हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि मोहिलरी उनसे मिले थे और गठबंधन में कोई समस्या नहीं है, वे साथ मिलकर काम जारी रखेंगे। मोहिलरी ने भी इस बयान का स्वागत करते हुए कहा कि BPF किसी भी पार्टी (UPPL या BJP) के समर्थन को अस्वीकार नहीं करेगा।
0 कौन हैं हाग्रामा मोहिलरी?
BPF प्रमुख हाग्रामा मोहिलरी बोडो राजनीति के एक कद्दावर नेता हैं। वह पूर्व विद्रोही समूह बोडोलैंड लिबरेशन टाइगर (BLT) के चीफ थे। 2003 के बोडो समझौते के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और 2005 में BPF की स्थापना की। वह BTC के पहले मुख्य कार्यकारी सदस्य (CEM) बने थे और 2005 से 2020 के बीच उन्होंने लगातार तीन कार्यकाल पूरे किए। 2020 में सत्ता गंवाने के बाद उन्होंने इस चुनाव में जबरदस्त वापसी की है। BPF ने अगली BTC के गठन का दावा राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य के समक्ष पेश कर दिया है।


