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बड़ी खबर कोरबा : फ्लोरामैक्स योजना में NRLM की आड़ ले अरबों की ठगी, दिल्ली पहुंचा मामला, सीएस दिल्ली तलब


00 40 हजार महिलाओं को बनाया गया ठगी का शिकार, ननकीराम कंवर के तेवर कड़े

TTN डेस्क

रायपुर/कोरबा: छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (NRLM) के नाम पर हुए एक बड़े घोटाले ने सियासी गलियारों से लेकर प्रशासनिक महकमों तक हड़कंप मचा दिया है। पूर्व गृहमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता ननकीराम कंवर ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की करीब 40,000 आदिवासी महिलाओं से ‘फ्लोरामैक्स कंपनी’ के जरिए अरबों रुपये की ठगी की गई है।

0 आजीविका के नाम पर ‘अरबों’ का खेल

मामले का खुलासा करते हुए ननकीराम कंवर ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर उनके मेहनत की कमाई को निवेश के नाम पर लूट लिया गया। उन्होंने इसे महज एक आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की महत्वपूर्ण योजना को बदनाम और असफल करने की एक बड़ी साजिश करार दिया है।

0 कलेक्टर पर गुमराह करने का आरोप, आयोग हुआ सख्त

शिकायत के अनुसार, कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को गलत जानकारी देकर मामले को दबाने की कोशिश की। आयोग ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए 16 अक्टूबर 2025 को राज्य शासन को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन प्रशासन की 30 दिनों की चुप्पी ने आयोग को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।

0 मुख्य सचिव (CS) को किया दिल्ली तलब

प्रशासनिक ढिलाई को देखते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव (Chief Secretary) को व्यक्तिगत रूप से 17 मार्च को नई दिल्ली मुख्यालय में पेश होने का नोटिस जारी किया है। आयोग अब खुद इस बात का जवाब चाहेगा कि कार्रवाई में देरी क्यों हुई और दोषियों को किसका संरक्षण प्राप्त है?

0 CBI जांच की मांग: “खुले अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन”

पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। उनकी प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

* मामले की जांच CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए।
* घोटाले के पीछे छिपे अंतरराष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय गिरोहों का पर्दाफाश हो।
* भ्रष्ट अधिकारियों और गुमराह करने वाले कलेक्टर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
* पीड़ित आदिवासी महिलाओं को उनकी डूबी हुई राशि वापस दिलाई जाए।

> “यह आदिवासियों के हक पर डाका है। जब तक हर दोषी जेल के पीछे नहीं होगा और महिलाओं को न्याय नहीं मिलेगा, यह लड़ाई जारी रहेगी।” > — ननकीराम कंवर, पूर्व गृहमंत्री
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