



00 जांजगीर पुलिस का बड़ा पर्दाफाश: सगी बहन के भागने से बौखलाया था आरोपी भाई, पुलिस की धौंस दिखाकर निर्दोष युवक को किया सुसाइड के लिए मजबूर
TTN डेस्क
कोरबा/जांजगीर-चांपा। खाकी की आड़ में छिपे एक “फर्जी” पुलिसवाले की धमकी ने एक निर्दोष छात्र की हंसती-खेलती जिंदगी छीन ली। जांजगीर-चांपा के सनत कुमार कश्यप सुसाइड केस में पुलिस ने एक ऐसा चौंकाने वाला खुलासा किया है, जिसने सबको दंग कर दिया है। जिस “पुलिस प्रताड़ना” का आरोप लगाकर छात्र ने फांसी लगाई थी, वह पुलिस नहीं बल्कि युवती का सगा भाई सचिन खरे था। पुलिस की फर्जी धौंस और गालियों से सनत इतना सहम गया कि उसने खौफ में आकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। एसपी विजय कुमार पांडेय के कड़े रुख के बाद आरोपी अब सलाखों के पीछे है।
0 बहन के भागने से बिगड़ा समीकरण, भाई बना ‘फर्जी पुलिस’
जांच में पता चला कि मामला प्रेम प्रसंग और पारिवारिक प्रतिष्ठा से जुड़ा था। युवती स्नेहा खरे का रिश्ता तय हो चुका था और रविवार को लड़के वाले आने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही वह अपने ममेरे भाई धीरेंद्र पाटले के साथ भाग गई। इस घटना से बौखलाए स्नेहा के सगे भाई सचिन खरे (30 वर्ष) ने धीरेंद्र का सुराग लगाने के लिए उसके रूम पार्टनर सनत कश्यप (25 वर्ष) को निशाना बनाया। सचिन ने शैलेन्द्र पाटले के मोबाइल से सनत को फोन किया और खुद को पुलिसकर्मी बताकर उसे भद्दी-भद्दी गालियां दीं। उसने सनत को धमकाया कि वह तुरंत पंतोरा चौकी पहुंचे, वरना उसे उठा लिया जाएगा।
0 मौत से पहले बनाया वीडियो, असली पुलिस पर आया शक
झूठी धमकी और पुलिसिया कार्रवाई के डर से सनत कुमार बुरी तरह टूट गया। उसे लगा कि असली पुलिस उसे प्रताड़ित कर रही है। फांसी लगाने से पहले सनत ने एक मार्मिक वीडियो बनाया, जिसमें उसने ‘पुलिस’ द्वारा धमकाए जाने की बात कही। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
0 ऐसे बेनकाब हुआ ‘खाकी’ का मुखौटा
मामले की गंभीरता को देखते हुए जंजगीर एसपी विजय कुमार पांडेय IPS ने तत्काल जांच टीम गठित की। पुलिस ने जब मोबाइल टावर लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाले, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। सनत को जिस नंबर से धमकी मिली थी, वह किसी पुलिस थाने का नहीं बल्कि आरोपी सचिन खरे का निकला। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया कि उसने सनत को डराने के लिए ‘ पुलिस’ बनने का नाटक रचा था।
0 सलाखों के पीछे पहुंचा आरोपी
बलौदा पुलिस ने आरोपी सचिन खरे के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 204 (लोक सेवक का फर्जी रूप धारण करना) और आत्महत्या के लिए उकसाने संबंधी अन्य धाराओं के तहत अपराध क्रमांक 113/26 दर्ज किया है।
> “वर्दी के नाम पर किसी नागरिक को डराना और मौत के मुहाने तक धकेलना अक्षम्य अपराध है। आरोपी ने न केवल एक युवक की जान ली, बल्कि जांच को भी गुमराह करने की कोशिश की। कानून ऐसे अपराधियों से सख्ती से निपटेगा।” > — विजय कुमार पांडेय, एसपी, जांजगीर-चांपा
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घटना के मुख्य बिंदु:
* मृतक: सनत कुमार कश्यप (25 वर्ष)।
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* आरोपी: सचिन खरे (युवती का सगा भाई)।
* वजह: बहन का ममेरे भाई के साथ भाग जाना।
* धमकी: फर्जी पुलिस बनकर चौकी बुलाने का दबाव बनाया।


