देखिए वीडीओ…राजधानी में ‘कमिश्नर राज’ का आगाज: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला रायपुर के पहले पुलिस आयुक्त का पदभार,जानिए उनके बारे में…


00 जीई रोड स्थित नए कार्यालय में दी ज्वाइनिंग, मजिस्ट्रेटी अधिकारों से लैस होगी अब राजधानी पुलिस

00 21 थाने शामिल, 37 वरिष्ठ अधिकारियों की नई टीम संभालेगी शहर की सुरक्षा

TTN डेस्क

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इतिहास में आज 23 जनवरी 2026 का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। शहर में बहुप्रतीक्षित पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली आधिकारिक रूप से लागू हो गई है। 2004 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. संजीव शुक्ला ने रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर (CP) के रूप में शुक्रवार को पदभार ग्रहण कर लिया। जीई रोड स्थित नए कमिश्नर कार्यालय में पदभार ग्रहण करने के दौरान डीसीपी, एसीपी समेत पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे।

0 छात्र राजनीति से पुलिस कमिश्नर तक का सफर

मूलतः 1990 में एमपीपीएससी के जरिए राज्य पुलिस सेवा से करियर शुरू करने वाले डॉ. संजीव शुक्ला का रायपुर से गहरा नाता है। उन्होंने स्थानीय दुर्गा कॉलेज से एमकॉम की पढ़ाई की और छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहे।अपनी प्रारंभिक पदस्थापना के दौरान वे 1998/99 में कोरबा में सीएसपी भी रहे। प्रमोशन पाकर आईपीएस बने डॉ. शुक्ला को अपराध नियंत्रण में सख्त माना जाता है। वे दुर्ग के एसपी और बिलासपुर रेंज के आईजी जैसी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें दो बार (2010 और 2022) राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है।उनका करीब 3 दशक का करियर पूरी तरह से बेदाग और चमकीला रहा है।

0 कलेक्टर वाले ये पावर अब पुलिस के पास

कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने के बाद अब पुलिस कमिश्नर को व्यापक कानूनी और मजिस्ट्रेटी अधिकार मिल गए हैं:

* धारा 144: अब शहर में निषेधाज्ञा लागू करने के लिए पुलिस को कलेक्टर के आदेश का इंतज़ार नहीं करना होगा।
* जिला बदर व NSA: असामाजिक तत्वों पर एनएसए (NSA) और जिला बदर की कार्रवाई सीधे कमिश्नर कार्यालय से होगी।
* धरना-प्रदर्शन: शहर में जुलूस, रैली या सभा की अनुमति अब पुलिस विभाग ही देगा।
* हथियार व विस्फोटक: शस्त्र लाइसेंस और विस्फोटक अधिनियम से जुड़े मामलों पर भी पुलिस का नियंत्रण होगा।

0 कमिश्नरेट का नया ढांचा: एक नज़र में
| पद | संख्या |

| पुलिस आयुक्त (CP) | 01 |
| अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (Addl. CP) | 01 |
| पुलिस उपायुक्त (DCP) | 05 |
| अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (Addl. DCP) | 09 |
| सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) | 21 |

0 ये 21 थाने होंगे कमिश्नरेट सीमा में

शहर के मुख्य 21 थानों को इस नई व्यवस्था में शामिल किया गया है, जिनमें सिविल लाइन, तेलीबांधा, कोतवाली, पुरानी बस्ती, डी.डी. नगर, गोल बाजार, टिकरापारा, खमतराई और गुढ़ियारी जैसे प्रमुख थाने शामिल हैं। इन क्षेत्रों की पूरी कानून-व्यवस्था अब सीधे पुलिस आयुक्त के अधीन होगी।

0 नई चुनौतियां और लक्ष्य

कार्यभार संभालने के बाद डॉ. संजीव शुक्ला के सामने राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुधारने, बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क पर लगाम कसने और संगठित अपराधों को जड़ से मिटाने की बड़ी चुनौती होगी। मजिस्ट्रेटी पावर मिलने से अब पुलिस को त्वरित निर्णय लेने में आसानी होगी, जिससे जनता को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।