TTN Desk
कोरबा, छत्तीसगढ़: कोरबा जिले के रजकम्मा गाँव में कई दिनों से जारी बिजली संकट से त्रस्त ग्रामीणों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने बिलासपुर-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। इस प्रदर्शन में आमजन, विशेषकर बस यात्रि
0 विद्युत विभाग की लापरवाही से बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि बीते कई दिनों से उनके गाँव में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप्प है। भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली के बिना रहना दूभर हो गया है। उन्होंने बताया कि कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन न तो किसी ने फोन उठाया और न ही मौके पर आकर समस्या का समाधान किया। विभागीय अधिकारियों की इस घोर लापरवाही से आक्रोशित होकर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया।
0 महिलाएं और बुजुर्ग भी सड़क पर उतरे
इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में विद्युत विभाग की मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
0 पुलिस और प्रशासन की मध्यस्थता
चक्काजाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि संबंधित अधिकारियों से बात कर समस्या का शीघ्र निराकरण कराया जाएगा। शुरुआती दौर में पुलिस की समझाइश के बाद भी ग्रामीण चक्काजाम समाप्त करने को तैयार नहीं हुए, क्योंकि विद्युत विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था।
हालांकि, बाद में विद्युत विभाग के अधिकारी और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुँचे। प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई के आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया।
0यात्रियों को हुई भारी असुविधा
चक्काजाम के कारण बस, ट्रक और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई यात्रियों ने बताया कि वे अपने गंतव्य तक समय पर नहीं पहुंच पा रहे थे, जिससे उन्हें नौकरी और अन्य जरूरी कामों में बाधा आ रही थी। कई स्कूल और कॉलेज के छात्र भी इस जाम में फंसे रहे।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का ठोस समाधान नहीं हुआ, तो वे अपने आंदोलन को जिले के कलेक्टर कार्यालय तक ले जाएंगे। यह घटना विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की बदहाली को उजागर करती है।


