
0 करोड़ों की टैक्स चोरी का संदेह
TTN डेस्क
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट जीएसटी (State GST) विभाग ने कोयला कारोबार में कथित बड़ी कर चोरी पर नकेल कसते हुए सोमवार तड़के बिलासपुर ज़िले में बड़ी कार्रवाई शुरू की। जीएसटी की अलग-अलग टीमों ने एक साथ हिंद कोल ग्रुप से जुड़ी तीन कोल वॉशरी इकाइयों और उनके परिसरों पर छापा मारा। यह कार्रवाई देर शाम तक जारी रही और सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में ही रिकॉर्ड्स में भारी गड़बड़ी सामने आई है, जिससे करोड़ों रुपए की जीएसटी अनियमितता का संदेह गहरा गया है।
0 अचानक हुई छापेमारी, कर्मचारी मौके से भागे
जीएसटी टीमों की यह अचानक कार्रवाई कोयला कारोबार से जुड़े लोगों के बीच हड़कंप मचा गई। सीपत क्षेत्र के गतौरा, बलौदा और हिंडाडीह में संचालित इकाइयों पर जब टीम ने दस्तक दी, तो हड़बड़ी मच गई।
* संदिग्ध गतिविधियाँ: गतौरा क्षेत्र में रेलवे साइडिंग के पास कार्यरत कई कर्मचारी और मजदूर जीएसटी टीम को देखते ही मौके से भाग खड़े हुए, जिससे संस्थानों की कार्यप्रणाली पर संदेह और बढ़ गया।
* भौतिक सत्यापन: टीम ने मौके पर मौजूद कोयले के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया और प्रोडक्शन, कोयले की आवक-जावक से जुड़े तमाम दस्तावेज़ ज़ब्त कर लिए।
0 तीन नाम पर चल रहा था एक समूह, रिकॉर्ड्स में गंभीर विसंगति
यह कार्रवाई राजेश अग्रवाल और संजय अग्रवाल द्वारा संचालित समूह पर केंद्रित है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह समूह तीन अलग-अलग नामों से काम कर रहा था:
* क्लीन कोल बेनिफिकेशन
* रेडिएंट कोल बेनिफिकेशन
* हिंद कोल बेनिफिकेशन
हालांकि ये इकाइयाँ कागज़ों पर अलग थीं, इनका संचालन एक ही समूह द्वारा किया जा रहा था। इन सभी इकाइयों में कोयले की धुलाई, प्रोसेसिंग और देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़े पैमाने पर परिवहन का काम होता है।
> जांच में खुलासा: देर शाम तक चली शुरुआती जांच में कागज़ी आंकड़ों (Book Records) और वास्तविक स्टॉक (Physical Stock) के बीच भारी अंतर सामने आया है। यह विसंगति बड़े पैमाने पर जीएसटी की चोरी की आशंका को बल देती है।
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0 दो दिन पहले भी हुई थी बड़ी वसूली
जीएसटी विभाग की सक्रियता बीते कुछ दिनों से काफी बढ़ गई है। यह कार्रवाई कोई अकेली घटना नहीं है।इस छापेमारी से ठीक दो दिन पहले भी स्टेट जीएसटी टीम ने तीन अलग-अलग ज़िलों में पारस पावर और महावीर कोल वॉशरी समेत कुछ अन्य कोल वॉशरी संचालकों के ठिकानों पर धावा बोला था।
0 27 करोड़ का सरेंडर
उस कार्रवाई में भी जीएसटी टीम ने 27 करोड़ से अधिक का भारी भरकम राजस्व की वसूली की थी।
सूत्रों के मुताबिक, हिंद कोल ग्रुप के परिसरों में दस्तावेजों की गहन जांच और पूछताछ अभी भी जारी है। जीएसटी अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी का बड़ा मामला सामने आ सकता है, और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।


