छत्तीसगढ़ : कोयला और शराब घोटाला में एसीबी-ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने रायपुर-अकलतरा में छापेमारी की

TTN डेस्क

रायपुर, 21 सितंबर 2025। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला और शराब घोटाले के मामलों में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की संयुक्त टीम ने आज रविवार को रायपुर, अकलतरा, बिलासपुर और दुर्ग सहित कई जिलों में छापेमारी की। कोयला घोटाले के आरोपी कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश दी गई, जबकि शराब घोटाले में 10 से अधिक स्थानों पर कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियों ने दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच की, जिसमें करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का खुलासा होने की संभावना है।

0 कोयला घोटाले में एसीबी-ईओडब्ल्यू की बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के कोयला लेवी घोटाले में एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम ने रायपुर के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा में छापा मारा। कोयला माफिया पर पिट पास वसूलने के नाम पर अवैध वसूली के आरोपी दो प्रमुख कारोबारियों के आवासों पर दबिश दी गई। जांच के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेज जब्त किए, जो पिछले चार वर्षों में अर्जित संपत्तियों से जुड़े हैं। इस घोटाले में पहले ही 318 करोड़ रुपये की अवैध वसूली का अनुमान लगाया गया है, जिसमें राजनीतिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों को फायदा पहुंचाने का आरोप है।

0।शराब घोटाले में रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग पर ईओडब्ल्यू का धावा

शराब के अवैध कारोबार और आबकारी घोटाले में ईओडब्ल्यू की टीम ने रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में 10 ठिकानों पर छापे मारे। कारोबारियों के गोदामों और आवासों से शराब की खेप, लेखा-जोखा और नकदी जब्त की गई। इस कार्रवाई में पूर्व मंत्री के करीबियों पर भी शिकंजा कसा गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह घोटाला 2024 से चल रहा है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पत्र पर आधारित एफआईआर पर आगे बढ़ रही है।

0 जांच का घेरे में संपत्ति जब्ती और राजनीतिक कनेक्शन

एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने कोयला घोटाले में रानू साहू, सौम्या चौरसिया और समीर विश्नोई जैसे नामों से जुड़े ठिकानों पर फोकस किया। राजस्थान, बेंगलुरु और झारखंड तक फैली इस जांच में 19 स्थानों पर छापे मारे गए। जब्त सामग्री में 26 लाख रुपये नकदी, मोबाइल फोन और बैंक विवरण शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कमाई से संपत्तियां खरीदी गईं, जो राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं तक पहुंची। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल से जुड़े इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है, जिसमें 15 नाम शामिल हैं।

0 अभी और छापों की संभावना

जांच जारी है और अगले चरण में और अधिक ठिकानों पर दबिश की जा सकती है। एसीबी-ईओडब्ल्यू ने कहा कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया है, जबकि विपक्ष ने राजनीतिक बदले की आशंका जताई है। अधिक जानकारी के लिए जांच एजेंसियों के बयान का इंतजार है।