




00 लोकसभा में 13 घंटे चली मैराथन चर्चा, 42 सांसदों ने रखा पक्ष; ध्वनिमत से गिरा विपक्ष का प्रस्ताव
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सदन में भारी हंगामे के बीच ध्वनिमत से खारिज कर दिया गया। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और 13 घंटे तक चली लंबी बहस के बाद एनडीए (NDA) के बहुमत के आगे यह प्रस्ताव टिक नहीं सका।
0 विपक्ष पर बरसे गृह मंत्री अमित शाह
चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने राहुल गांधी के पुराने वाकये की ओर इशारा करते हुए कहा, “जो लोग सदन में आंख मारते हैं, वे आज निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।” शाह ने आगे कहा कि स्पीकर किसी एक दल का नहीं बल्कि पूरे सदन का होता है और उनके खिलाफ ऐसा प्रस्ताव लाना लोकतंत्र की गरिमा पर सीधा हमला है। उन्होंने विपक्ष को घेरेते हुए कहा कि वे नियम तोड़ने और हंगामा करने के बजाय सदन की मर्यादा का सम्मान करना सीखें।
0 विपक्ष का पक्षपात का आरोप और हंगामा
वहीं, विपक्षी दलों ने स्पीकर पर सत्तापक्ष का साथ देने और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। चर्चा के दौरान विपक्षी सांसद “माफी मांगो” के नारे लगाते रहे। विपक्ष का तर्क था कि उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त समय और अवसर नहीं दिया जा रहा है।
0 चर्चा के मुख्य बिंदु:
* लंबी बहस: अविश्वास प्रस्ताव पर करीब 13 घंटे तक चर्चा हुई, जिसमें पक्ष-विपक्ष के 42 सांसदों ने अपने विचार रखे।
* बहुमत का बल: एनडीए के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण प्रस्ताव को गिराने में सरकार को कोई कठिनाई नहीं हुई।
* विरोध प्रदर्शन: प्रस्ताव खारिज होने के बाद विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट किया और अपनी नाराजगी जाहिर की।
इस फैसले के बाद सदन की कार्यवाही फिर से सुचारू रूप से शुरू हुई, हालांकि विपक्ष का विरोध सदन के बाहर भी जारी रहा।


